CBSE Class 9 Hindi — Kshitij Gadya (Prose) Exercise Solutions
प्रमुख पाठ एवं लेखक
| पाठ | लेखक | मुख्य विषय |
|---|---|---|
| दो बैलों की कथा | प्रेमचंद | मित्रता, स्वतंत्रता, पशु-मानव संबंध |
| ल्हासा की ओर | राहुल सांकृत्यायन | तिब्बत यात्रा, बौद्ध संस्कृति |
| उपभोक्तावाद की संस्कृति | श्यामाचरण दुबे | उपभोग बनाम सादा जीवन |
| साँवले सपनों की याद | जाबिर हुसेन | पक्षी विशेषज्ञ सालिम अली |
| नाना साहब की पुत्री देवी मैना | चपला देवी | 1857 की क्रांति, बलिदान |
| प्रेमचंद के फटे जूते | हरिशंकर परसाई | व्यंग्य: आत्म-सम्मान बनाम समझौता |
| मेरे बचपन के दिन | महादेवी वर्मा | बचपन की यादें |
I. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'दो बैलों की कथा' में हीरा और मोती किस बात के प्रतीक हैं? (क) किसान की कड़ी मेहनत के (ख) भारतीय जनता की स्वतंत्रता की भावना और आपसी भाईचारे के (ग) पशु-क्रूरता के विरोध के (घ) हिंदू-मुस्लिम एकता के
उत्तर: (ख) भारतीय जनता की स्वतंत्रता की भावना और आपसी भाईचारे के प्रेमचंद: हीरा और मोती की बार-बार गुलामी से भागने की कोशिश, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। काँजीहाऊस (गोशाला/पाउंड) = जेल। दोनों की मित्रता = भारतीय एकता।
2. 'ल्हासा की ओर' में लेखक राहुल सांकृत्यायन किस देश की यात्रा का वर्णन करते हैं? (क) चीन (ख) नेपाल (ग) तिब्बत (घ) श्रीलंका
उत्तर: (ग) तिब्बत 'ल्हासा की ओर': राहुल सांकृत्यायन। वे तिब्बत से नेपाल होकर भारत यात्रा करते थे। रास्ते में बौद्ध मठ, तिब्बती संस्कृति, गरीबी में भी आतिथ्य, बर्फीले पहाड़ों का वर्णन। लेखक को तिब्बती महिला सुमति की मदद मिली।
3. 'प्रेमचंद के फटे जूते' में हरिशंकर परसाई किसका व्यंग्य करते हैं? (क) जूता उद्योग का (ख) प्रेमचंद की गरीबी का (ग) उन लोगों का जो आत्म-सम्मान की जगह भौतिक सुख-सुविधाओं को महत्व देते हैं (घ) फ्रांसीसी फोटोग्राफर का
उत्तर: (ग) उन लोगों का जो आत्म-सम्मान की जगह भौतिक सुख-सुविधाओं को महत्व देते हैं परसाई ने प्रेमचंद की एक प्रसिद्ध तस्वीर का संदर्भ लिया जिसमें उनके जूते फटे हैं। वे कहते हैं — प्रेमचंद ने फटे जूते पहने पर आत्मसम्मान नहीं छोड़ा। जो लोग समझौता करके चमकदार जूते पहनते हैं, उन्हें जूते ही मिलते हैं — आत्मा नहीं।
4. 'साँवले सपनों की याद' किसकी स्मृति में लिखा गया है? (क) रवींद्रनाथ ठाकुर (ख) पक्षी विशेषज्ञ और प्रकृतिप्रेमी सालिम अली (ग) महात्मा गांधी (घ) प्रेमचंद
उत्तर: (ख) पक्षी विशेषज्ञ और प्रकृतिप्रेमी सालिम अली जाबिर हुसेन ने सालिम अली की मृत्यु के बाद उनकी याद में यह लेख लिखा। सालिम अली (1896-1987): भारत के प्रसिद्ध पक्षी विशेषज्ञ (ornithologist)। उन्होंने जीवन भर पक्षियों और प्रकृति से प्यार किया।
5. 'नाना साहब की पुत्री देवी मैना' पाठ किस ऐतिहासिक घटना पर आधारित है? (क) गांधी जी का नमक सत्याग्रह (ख) 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (ग) भगत सिंह की शहादत (घ) जलियाँवाला बाग हत्याकांड
उत्तर: (ख) 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम चपला देवी: नाना साहब (नाना धोंडोपंत) की पुत्री मैना ने अंग्रेजों से अपने पिता का महल न जलाने की प्रार्थना की। अंग्रेजों ने नहीं मानी और महल जला दिया; मैना भी शहीद हो गई। 1857 की क्रांति में एक युवा लड़की का बलिदान।
6. 'उपभोक्तावाद की संस्कृति' में श्यामाचरण दुबे किसकी आलोचना करते हैं? (क) खेती-किसानी की (ख) आधुनिक समाज की उपभोग-केंद्रित जीवन शैली की (ग) विदेशी सामानों की (घ) औद्योगिक विकास की
उत्तर: (ख) आधुनिक समाज की उपभोग-केंद्रित जीवन शैली की दुबे कहते हैं — आधुनिक विज्ञापन और मीडिया लोगों को अनावश्यक वस्तुएँ खरीदने के लिए प्रेरित करता है। इससे सादा जीवन, पारंपरिक मूल्य और सामाजिक समानता नष्ट हो रही है। पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण भारत के लिए हानिकारक।
7. 'दो बैलों की कथा' में काँजीहाऊस क्या है? (क) एक गाँव का नाम (ख) एक मेला (ग) वह जगह जहाँ आवारा या भूखे पशुओं को बंद किया जाता है (घ) एक मंदिर
उत्तर: (ग) वह जगह जहाँ आवारा या भूखे पशुओं को बंद किया जाता है काँजीहाऊस (Pound): पशुओं को पकड़कर बंद करने का स्थान। यहाँ हीरा-मोती को बंद किया गया। प्रतीकात्मक अर्थ: जेल जहाँ गुलामी होती है। दोनों ने मिलकर दरवाज़ा तोड़ा और भागे — स्वतंत्रता की भूख।
II. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1: 'दो बैलों की कथा' में हीरा और मोती की मित्रता का वर्णन करें।
हीरा और मोती: झूरी के दो बैल — गाढ़े मित्र। उनकी मित्रता की विशेषताएँ:
यह मित्रता असली प्रेम और निःस्वार्थ सहयोग की मिसाल है।
- बिना बोले एक-दूसरे की भावना समझते थे।
- खाते-पीते, काम करते, सोते — हमेशा साथ।
- जब एक पर संकट आता, दूसरा मदद करने दौड़ता।
- काँजीहाऊस में मोती ने हीरा को बचाने के लिए पहरेदार को घायल किया।
प्रश्न 2: राहुल सांकृत्यायन की तिब्बत यात्रा ('ल्हासा की ओर') से क्या सीख मिलती है?
सीखें:
- साहस: तिब्बत की यात्रा तब बेहद कठिन और खतरनाक थी।
- सादगी और सहयोग: भटकने पर अजनबी भी मदद करते हैं।
- सांस्कृतिक समझ: बौद्ध धर्म और तिब्बती जीवन को पास से देखना।
- जिज्ञासा: सच्चे यात्री के लिए हर कठिनाई एक अनुभव है।
परीक्षा तैयारी सूची
- दो बैलों की कथा: प्रेमचंद; हीरा-मोती = भारतीय जनता; काँजीहाऊस = जेल।
- ल्हासा की ओर: राहुल सांकृत्यायन; तिब्बत यात्रा।
- प्रेमचंद के फटे जूते: परसाई; व्यंग्य; आत्मसम्मान बनाम भौतिकता।
- साँवले सपनों की याद: जाबिर हुसेन; सालिम अली का स्मरण।
- नाना साहब की पुत्री: चपला देवी; 1857; मैना का बलिदान।
- उपभोक्तावाद: श्यामाचरण दुबे; आधुनिक उपभोग-संस्कृति पर आलोचना।
