CBSE Class 9 Hindi — Kshitij Kavya (Poetry) Exercise Solutions
प्रमुख कवि एवं विशेषता
| कवि | काल | प्रमुख काव्य-रूप | विशेषता |
|---|---|---|---|
| कबीर | भक्तिकाल (1440-1518) | दोहा, पद | जाति-पाँति, धार्मिक पाखंड का विरोध |
| रहीम | भक्ति-रीतिकाल | दोहा | व्यावहारिक ज्ञान, नीति |
| रसखान | भक्तिकाल | पद | कृष्ण-भक्ति |
| महादेवी वर्मा | छायावाद | गीत | प्रकृति, नारी-मन, रहस्यवाद |
| सियारामशरण गुप्त | — | — | सामाजिक समस्याएँ, दलित-चेतना |
| सुमित्रानंदन पंत | छायावाद | — | प्रकृति-सौंदर्य |
| केदारनाथ अग्रवाल | प्रगतिवाद | — | श्रमिक-वर्ग, प्रगतिशील विचार |
I. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. "साईं इतना दीजिए, जामे कुटुम्ब समाए। मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय।" इन पंक्तियों में कबीर का क्या संदेश है? (क) अमीर बनने की इच्छा (ख) संतोष और परोपकार (ग) मंदिर बनाने की प्रेरणा (घ) साधु-संतों की पूजा
उत्तर: (ख) संतोष और परोपकार कबीर परमात्मा से केवल इतना माँगते हैं जिससे परिवार की जरूरत पूरी हो और अतिथि-साधु भी न भूखे जाएँ। यानी न लालच, न कंजूसी — सादा जीवन और परोपकार।
2. रहीम के दोहों में मुख्यतः किस विषय पर चर्चा की जाती है? (क) युद्ध और राजनीति (ख) व्यावहारिक जीवन, नीति, मित्रता और संकट में धैर्य (ग) कृष्ण-भक्ति (घ) प्रकृति की सुंदरता
उत्तर: (ख) व्यावहारिक जीवन, नीति, मित्रता और संकट में धैर्य रहीम (1556-1627): अकबर के नवरत्नों में एक। उनके दोहे जीवन के व्यावहारिक अनुभव से भरे हैं। "रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय।" — प्रेम का धागा टूटने पर जुड़ता नहीं।
3. रसखान किस देवता के भक्त थे? (क) राम (ख) कृष्ण (ग) शिव (घ) इंद्र
उत्तर: (ख) कृष्ण रसखान: मुसलमान थे लेकिन कृष्ण के परम भक्त। कृष्ण-भक्ति में डूबी उनकी कविताएँ — "मानुष हौं तो वही रसखान, बसौं ब्रज गोकुल-गाँव के ग्वारन।" वे अगले जन्म में गोकुल में गाय या पत्थर बनना चाहते हैं, बस कृष्ण के पास रहने के लिए।
4. 'एक फूल की चाह' कविता में एक दलित पिता अपनी बीमार बेटी के लिए क्या चाहता था? (क) महँगी दवाइयाँ (ख) मंदिर से पुजारी द्वारा दिया गया एक फूल (ग) नए कपड़े (घ) शहर का अच्छा डॉक्टर
उत्तर: (ख) मंदिर से पुजारी द्वारा दिया गया एक फूल सियारामशरण गुप्त: एक दलित पिता की दलित बेटी मर रही है। वह देवी के मंदिर से प्रसाद का एक फूल माँगता है। लेकिन अछूत होने के कारण मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाता; उसे अपमानित करके भगाया जाता है। कविता जातिभेद के अन्याय पर करारा प्रहार है।
5. कबीर की भाषा को क्या कहा जाता है? (क) खड़ीबोली (ख) संस्कृत (ग) सधुक्कड़ी भाषा (घ) उर्दू
उत्तर: (ग) सधुक्कड़ी भाषा कबीर की भाषा: अवधी, ब्रज, पंजाबी, राजस्थानी का मिला-जुला रूप — "सधुक्कड़ी भाषा"। इसे 'पंचमेल खिचड़ी' भी कहते हैं। यह साधारण लोगों की बोली थी — कबीर ने जानबूझकर इसी को चुना ताकि हर कोई समझ सके।
6. महादेवी वर्मा की कविताओं में मुख्यतः कौन सा भाव व्यक्त होता है? (क) वीर रस (ख) उल्लास और उत्सव (ग) विरह, वेदना, और रहस्यमयी सौंदर्य (घ) क्रांति और आक्रोश
उत्तर: (ग) विरह, वेदना, और रहस्यमयी सौंदर्य महादेवी वर्मा: "आधुनिक मीरा।" छायावाद की प्रमुख कवयित्री। उनकी कविताएँ — प्रकृति में प्रियतम (परमात्मा) की खोज, विरह की व्यथा, रहस्यवाद। "मैं नीर भरी दुख की बदली" — आत्म-पीड़ा का सुंदर रूपक।
7. रहीम का प्रसिद्ध दोहा "रहिमन धागा प्रेम का..." में क्या संदेश है? (क) धागे से कपड़े बनाओ (ख) प्रेम और विश्वास नाजुक होते हैं; एक बार टूट जाएँ तो जुड़ते नहीं (ग) धागे को सँभालो (घ) रिश्तों में पैसे की जरूरत होती है
उत्तर: (ख) प्रेम और विश्वास नाजुक होते हैं; एक बार टूट जाएँ तो जुड़ते नहीं "रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय। टूटे से फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परि जाय।" — प्रेम का धागा नाज़ुक; टूट जाए तो गाँठ पड़ती है (रिश्ते में दरार)। एहतियात से रखो।
II. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1: कबीर की सामाजिक चेतना का वर्णन करें।
कबीर 15वीं शताब्दी के संत-कवि थे जो समाज-सुधार के लिए प्रसिद्ध हैं: 1. जाति-भेद का विरोध: ईश्वर की नज़र में सभी समान हैं — "जात न पूछो साधु की।" 2. धार्मिक पाखंड पर प्रहार: हिंदू और मुसलमान दोनों के रूढ़िवाद को चुनौती। 3. आत्म-ज्ञान: बाहरी तीर्थ-व्रत से बड़ा अंदर का सत्य — "कस्तूरी कुंडलि बसे, मृग ढूँढे वन माहि।" 4. सादा जीवन: लालच छोड़ो, संतोष रखो। 5. मानवता: भूखों को खिलाना सच्ची पूजा है।
प्रश्न 2: 'एक फूल की चाह' कविता में जाति-भेद का चित्रण कैसे हुआ है?
सियारामशरण गुप्त की यह कविता जाति-भेद की क्रूरता को उजागर करती है:
- दलित पिता देवी के मंदिर जाता है — उसे अपमानित किया जाता है।
- उसकी बेटी की एकमात्र इच्छा एक मंदिर का प्रसाद था।
- लेकिन "अछूत" होने के कारण यह नहीं मिल सका।
- पिता को गिरफ्तार किया गया; बेटी मर गई।
यह कविता बताती है कि जातिभेद न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि मनुष्यता के विरुद्ध भी है।
परीक्षा तैयारी सूची
- कबीर: भक्तिकाल; सधुक्कड़ी भाषा; जाति-भेद विरोध; संतोष।
- रहीम: अकबर के नवरत्न; नीति-दोहे; प्रेम का धागा।
- रसखान: मुसलमान कृष्ण-भक्त; ब्रज में जन्म की इच्छा।
- महादेवी वर्मा: आधुनिक मीरा; विरह-वेदना; रहस्यवाद।
- एक फूल की चाह: सियारामशरण गुप्त; जातिभेद; दलित-पीड़ा।
