CBSE Class 10 Hindi — Kshitij Gadya (Prose) Exercise Solutions
पाठ्यक्रम के प्रमुख लेखक (Major Prose Authors)
| पाठ | लेखक | मुख्य विषय |
|---|---|---|
| नेताजी का चश्मा | स्वयं प्रकाश | देशभक्ति और सामाजिक चेतना |
| बालगोबिन भगत | रामवृक्ष बेनीपुरी | भक्ति, सरल जीवन, कबीर परंपरा |
| लखनवी अंदाज | यशपाल | नवाबी संस्कृति पर व्यंग्य |
| एक कहानी यह भी | मन्नू भंडारी | स्त्री-स्वाधीनता, आत्मकथा |
| नागार्जुन | रामवृक्ष बेनीपुरी | — |
| बड़े भाई साहब | प्रेमचंद | पारिवारिक संबंध, शिक्षा |
| मेरे बचपन के दिन | महादेवी वर्मा | बचपन की यादें |
I. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'नेताजी का चश्मा' कहानी में हालदार साहब किस बात से प्रभावित थे? (क) कैप्टन चश्मेवाले की देशभक्ति से (ख) नेताजी की मूर्ति से (ग) बच्चों की पढ़ाई से (घ) नगर की सफाई से
उत्तर: (क) कैप्टन चश्मेवाले की देशभक्ति से 'नेताजी का चश्मा': लेखक स्वयं प्रकाश। एक बूढ़ा और गरीब चश्मा बेचने वाला (कैप्टन) नेताजी की मूर्ति पर बारी-बारी से असली चश्मा लगाता था। उसकी देशभक्ति का यह छोटा कार्य हालदार साहब को गहराई से प्रभावित करता है।
2. 'बालगोबिन भगत' किसकी भक्ति करते थे? (क) राम (ख) कृष्ण (ग) कबीर (घ) शिव
उत्तर: (ग) कबीर बालगोबिन भगत: लेखक रामवृक्ष बेनीपुरी। बालगोबिन भगत एक साधारण किसान थे जो कबीर के भक्त थे। वे कबीर के पद गाते थे, सांसारिक मोह नहीं रखते थे। पुत्र की मृत्यु पर भी उन्होंने बेटे की बहू से चिता को आग लगवाई।
3. 'एक कहानी यह भी' रचना किस विधा में है? (क) उपन्यास (ख) कहानी (ग) आत्मकथा/संस्मरण (घ) नाटक
उत्तर: (ग) आत्मकथा/संस्मरण 'एक कहानी यह भी': मन्नू भंडारी की आत्मकथात्मक रचना। इसमें उन्होंने अपने कॉलेज जीवन, पिता के साथ संबंध, स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी, और एक स्त्री लेखक के रूप में उनके संघर्ष का वर्णन किया है।
4. 'लखनवी अंदाज' कहानी में नवाब साहब का व्यवहार किसका प्रतीक है? (क) सच्ची संस्कृति का (ख) नवाबी दिखावे और पाखंड का (ग) गरीबी का (घ) वीरता का
उत्तर: (ख) नवाबी दिखावे और पाखंड का 'लखनवी अंदाज': लेखक यशपाल। नवाब साहब रेलगाड़ी में खीरे को सूँघकर खिड़की से बाहर फेंक देते हैं — दिखावटी नवाबी संस्कृति पर व्यंग्य। खाने की जरूरत नहीं, बस दिखाना है कि वे नवाब हैं।
5. 'मेरे बचपन के दिन' पाठ की लेखिका हैं: (क) मन्नू भंडारी (ख) महादेवी वर्मा (ग) सुभद्रा कुमारी चौहान (घ) अमृता प्रीतम
उत्तर: (ख) महादेवी वर्मा महादेवी वर्मा (1907-1987): छायावादी युग की प्रमुख कवयित्री और लेखिका। 'मेरे बचपन के दिन' में उन्होंने क्रॉस्थवेट गर्ल्स कॉलेज इलाहाबाद के छात्रावास के दिनों, मित्रता, और हिंदी-उर्दू-बांग्ला साहित्य के प्रति प्रेम का वर्णन किया है।
6. 'बड़े भाई साहब' कहानी में छोटे भाई से बड़े भाई के व्यवहार का मुख्य संदेश क्या है? (क) पढ़ाई में अनुशासन जरूरी है (ख) अनुभव और बुजुर्गी का सम्मान करना चाहिए (ग) खेलना बेकार है (घ) परीक्षा में नकल करनी चाहिए
उत्तर: (ख) अनुभव और बुजुर्गी का सम्मान करना चाहिए 'बड़े भाई साहब': प्रेमचंद। बड़े भाई साहब कहते हैं — "उम्र में बड़ा हूँ, तुम्हारा पथ-प्रदर्शन करना मेरा फर्ज है।" यद्यपि छोटा भाई हमेशा अच्छे अंक लाता है, बड़े भाई जीवन के अनुभव और ज्ञान की बात करते हैं।
7. 'नेताजी का चश्मा' कहानी का मूल संदेश है: (क) चश्मा पहनना जरूरी है (ख) देशभक्ति की भावना छोटी-बड़ी हो सकती है पर सच्ची होती है (ग) मूर्ति बनाना जरूरी नहीं (घ) पैसे से देशभक्ति होती है
उत्तर: (ख) देशभक्ति की भावना छोटी-बड़ी हो सकती है पर सच्ची होती है
II. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers)
प्रश्न 1: बालगोबिन भगत की दिनचर्या का वर्णन करें।
बालगोबिन भगत एक साधारण किसान थे लेकिन कबीर के सच्चे भक्त। उनकी दिनचर्या:
- रोज भोर में उठकर गंगा स्नान करते थे।
- दिनभर खेत में काम करते थे।
- शाम को प्रभु-भजन करते, कबीर के पद गाते।
- किसी से झूठ नहीं बोलते, किसी की चीज नहीं लेते।
- फसल काटकर पहले मालिक (कबीर रूपी भगवान) को अर्पण करते, प्रसाद रूप में वापस लेते।
- पुत्र की मृत्यु पर भी उन्होंने दुःख नहीं मनाया — इसे मुक्ति माना।
प्रश्न 2: 'एक कहानी यह भी' में मन्नू भंडारी ने अपने पिता के बारे में क्या लिखा है?
मन्नू भंडारी के पिता एक स्वाभिमानी व्यक्ति थे। पहले वे काफी धनी थे, लेकिन बाद में व्यवसाय में घाटा होने पर परिवार को अजमेर आना पड़ा। वे समाज सुधार और स्त्री-शिक्षा के समर्थक थे, लेकिन घर में ही वे पत्नी और बेटियों पर बहुत सख्त थे — यह विरोधाभास मन्नू जी ने महसूस किया। पिता ने उन्हें कॉलेज जाने और स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने की प्रेरणा दी।
परीक्षा तैयारी सूची (Exam Checklist)
- नेताजी का चश्मा: स्वयं प्रकाश; देशभक्ति; कैप्टन चश्मेवाले।
- बालगोबिन भगत: रामवृक्ष बेनीपुरी; कबीर भक्त; सरल जीवन।
- लखनवी अंदाज: यशपाल; नवाबी दिखावे पर व्यंग्य।
- एक कहानी यह भी: मन्नू भंडारी; आत्मकथात्मक; स्त्री-स्वाधीनता।
- बड़े भाई साहब: प्रेमचंद; परिवार-संबंध; अनुभव का महत्व।
- मेरे बचपन के दिन: महादेवी वर्मा; छायावादी युग।
