CBSE Class 10 Hindi — Kshitij Kavya (Poetry) Exercise Solutions
प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
| कवि | काल | प्रमुख काव्य / विशेषता |
|---|---|---|
| सूरदास | भक्तिकाल (16वीं शताब्दी) | सूरसागर, कृष्ण भक्ति, दृष्टिहीन कवि |
| तुलसीदास | भक्तिकाल (1532-1623) | रामचरितमानस, विनयपत्रिका, राम भक्ति |
| देव | रीतिकाल (17वीं-18वीं शताब्दी) | सौन्दर्य-चित्रण, अलंकार |
| जयशंकर प्रसाद | छायावाद (1889-1937) | कामायनी, आँसू |
| सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | छायावाद (1896-1961) | मुक्त छंद का जनक, उत्साह, अट नहीं रही |
| महादेवी वर्मा | छायावाद (1907-1987) | रश्मि, नीरजा, यामा |
| नागार्जुन | प्रगतिवाद | यह दंतुरित मुसकान, फसल |
| मंगलेश डबराल | समकालीन | — |
| ऋतुराज | समकालीन | — |
I. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'उत्साह' कविता किसने लिखी है? (क) महादेवी वर्मा (ख) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (ग) जयशंकर प्रसाद (घ) नागार्जुन
उत्तर: (ख) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला 'उत्साह': सूर्यकांत त्रिपाठी निराला — बादल को नई चेतना और क्रांति का प्रतीक माना है। बादल = परिवर्तन और जन-जागरण का दूत। "गरजो गर्जो जीवन-घन, धीर-धीर मेह बरसो।"
2. 'यह दंतुरित मुसकान' कविता में कवि का बच्चे के प्रति क्या भाव है? (क) उदासी (ख) ईर्ष्या (ग) अत्यंत प्रेम और अचरज (घ) भय
उत्तर: (ग) अत्यंत प्रेम और अचरज 'यह दंतुरित मुसकान': नागार्जुन। बच्चे की दाँत निकलती मुस्कान को देखकर कवि अभिभूत हैं। यह मुस्कान कवि के दुःखी मन को जीवित कर देती है — "धूल-धूसरित शिशु की निःश्वास / जगती है सुख की रस-वास।"
3. सूरदास किस भक्ति सम्प्रदाय से संबंधित थे? (क) रामानुज संप्रदाय (ख) वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) (ग) शंकर संप्रदाय (घ) माध्व संप्रदाय
उत्तर: (ख) वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) सूरदास: महाकवि, कृष्ण भक्त। वल्लभाचार्य के शिष्य। पुष्टिमार्ग: ईश्वर की कृपा (पुष्टि) से ही मुक्ति। 'सूरसागर' में कृष्ण की बाल-लीला, गोपियों की भक्ति, उद्धव-गोपी संवाद। अष्टछाप कवियों में प्रमुख।
4. छायावाद का प्रमुख गुण क्या है? (क) वीर रस प्रधान रचनाएँ (ख) व्यक्तिवादी अनुभूति, प्रकृति-सौंदर्य, रहस्यवाद, छायावाद (ग) आर्थिक शोषण पर आक्रोश (घ) भक्ति और राम-कृष्ण गान
उत्तर: (ख) व्यक्तिवादी अनुभूति, प्रकृति-सौंदर्य, रहस्यवाद, छायावाद छायावाद (1918-1938): चार प्रमुख स्तंभ — जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा। विशेषताएँ: व्यक्तिगत अनुभूति, प्रकृति में चेतना, मानव-प्रेम, मुक्त छंद की शुरुआत।
5. 'फसल' कविता किसने लिखी है और इसमें क्या संदेश है? (क) निराला — बारिश का (ख) नागार्जुन — फसल करोड़ों हाथों की मेहनत का परिणाम है (ग) महादेवी वर्मा — नारी संघर्ष का (घ) प्रसाद — प्रकृति प्रेम का
उत्तर: (ख) नागार्जुन — फसल करोड़ों हाथों की मेहनत का परिणाम है 'फसल': नागार्जुन। फसल को करोड़ों किसान हाथों की मेहनत, अनेक नदियों का पानी, और धरती माँ का उपहार माना है। संदेश: श्रमिकों का सम्मान करो।
6. 'अट नहीं रही है' कविता में निराला ने किस ऋतु का वर्णन किया है? (क) वर्षा ऋतु (ख) ग्रीष्म ऋतु (ग) वसंत ऋतु (घ) शीत ऋतु
उत्तर: (ग) वसंत ऋतु 'अट नहीं रही है': सूर्यकांत त्रिपाठी निराला। फागुन (वसंत) की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह "अट" (समा) नहीं रही — चारों ओर छलक रही है। "अट नहीं रही है आभा फागुन की तन सट नहीं रही है।"
7. 'कन्यादान' कविता में माँ अपनी बेटी को क्या नहीं करने की सलाह देती है? (क) पढ़ाई न करने की (ख) घर में रहने की (ग) आग से न जलने की, दर्पण की भ्रामक सुंदरता पर ध्यान न देने की (घ) पति की बात मानने की
उत्तर: (ग) आग से न जलने की, दर्पण की भ्रामक सुंदरता पर ध्यान न देने की 'कन्यादान': ऋतुराज। माँ बेटी को विदाई के समय यथार्थ सलाह देती है — घर और समाज में स्त्री पर होने वाले अन्याय को सहन न करे, खुद को कमज़ोर न समझे। आग और दर्पण — शोषण और झूठी सुंदरता के प्रतीक।
II. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1: उद्धव-गोपी संवाद (सूरदास) का महत्व समझाइए।
सूरदास के पदों में उद्धव कृष्ण का संदेश लेकर गोपियों के पास आते हैं — "निर्गुण ब्रह्म की उपासना करो।" परंतु गोपियाँ कहती हैं:
यह संवाद सगुण-निर्गुण भक्ति के बीच द्वंद्व को दर्शाता है।
- "हम कमल-दल की तरह जल (कृष्ण-प्रेम) में रहती हैं, अलग कैसे रहें?"
- "योग की बात मत करो — यह हम गँवारों के लिए नहीं।"
प्रश्न 2: सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के काव्य की विशेषताएँ बताइए।
निराला हिंदी के क्रांतिकारी कवि हैं: 1. मुक्त छंद: पिंगल के नियमों से मुक्त; प्राकृतिक लय। 2. ओज और विद्रोह: सामाजिक अन्याय, गरीबी, शोषण के विरुद्ध आवाज। 3. प्रकृति-चित्रण: 'अट नहीं रही है' में वसंत की विराट सुंदरता। 4. मानवतावाद: श्रमिक, किसान के दुःख-दर्द की अभिव्यक्ति। 5. रहस्यवाद: छायावाद की परंपरा में गहरी आध्यात्मिक जिज्ञासा।
परीक्षा तैयारी सूची
- सूरदास: वल्लभाचार्य के शिष्य; पुष्टिमार्ग; सूरसागर; कृष्ण बाल-लीला।
- तुलसीदास: रामचरितमानस; विनयपत्रिका; भक्तिकाल।
- निराला: मुक्त छंद के जनक; 'उत्साह', 'अट नहीं रही है'।
- नागार्जुन: 'यह दंतुरित मुसकान', 'फसल' — श्रम और मानव-प्रेम।
- छायावाद चार स्तंभ: प्रसाद, निराला, पंत, महादेवी।
- 'कन्यादान': ऋतुराज — स्त्री को शोषण न सहने का संदेश।
