CBSE Class 8 Hindi — Vasant Part 3 Exercise Solutions
प्रमुख पाठ एवं लेखक
| पाठ | लेखक | मुख्य विषय |
|---|---|---|
| ध्वनि | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | नई आशा, वसंत का स्वागत |
| लाख की चूड़ियाँ | कामतानाथ | ग्रामीण कारीगर, परंपरा बनाम आधुनिकता |
| बस की यात्रा | हरिशंकर परसाई | हास्य-व्यंग्य, पुरानी बस |
| जहाँ पहिया है | — | — |
| अकबरी लोटा | अन्नपूर्णानंद वर्मा | हास्य-रस |
| सुदामा चरित | नरोत्तमदास | कृष्ण-सुदामा मित्रता |
| जहाँ पंखे से नहीं जाते | — | अंडमान, काला पानी, स्वतंत्रता |
| टोपी | — | शिक्षा, संस्कृति |
I. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'ध्वनि' कविता में कवि किसका स्वागत करता है? (क) पतझड़ का (ख) वर्षा का (ग) वसंत का — नई आशा और उत्साह का (घ) शीत का
उत्तर: (ग) वसंत का — नई आशा और उत्साह का 'ध्वनि': सूर्यकांत त्रिपाठी निराला। कवि वसंत के आगमन पर खुश होकर कहते हैं — "अभी न होगा मेरा अंत।" प्रकृति नई जीवनशक्ति से भर गई है; कवि भी उत्साहित है।
2. 'लाख की चूड़ियाँ' कहानी में मुख्य समस्या क्या है? (क) लाख बहुत महँगा हो गया (ख) मशीनों से बनी चूड़ियाँ आने से लाख कारीगर का काम बंद हो गया (ग) ग्रामीण लोग चूड़ियाँ नहीं पहनते (घ) लाख के कारखाने में आग लग गई
उत्तर: (ख) मशीनों से बनी चूड़ियाँ आने से लाख कारीगर का काम बंद हो गया कामतानाथ: एक पारंपरिक लाख की चूड़ी बनाने वाला कारीगर (बदलू) मशीनी चूड़ियों से मुकाबला नहीं कर पाता। उसकी आजीविका नष्ट हो जाती है। संदेश: आधुनिकता पारंपरिक कारीगरी को कैसे प्रभावित करती है।
3. 'बस की यात्रा' कहानी की भाषा-शैली है: (क) गंभीर (ख) भावुक (ग) हास्य-व्यंग्यात्मक (घ) वैज्ञानिक
उत्तर: (ग) हास्य-व्यंग्यात्मक हरिशंकर परसाई: एक पुरानी, जर्जर बस में यात्रा का हास्यपूर्ण विवरण। यात्री बस के टूट जाने का डर, ड्राइवर की लापरवाही, रास्ते की परेशानियाँ — सब पर व्यंग्य।
4. 'सुदामा चरित' में कृष्ण और सुदामा की मित्रता से हमें क्या सीख मिलती है? (क) पैसा ही सब कुछ है (ख) सच्ची मित्रता संपत्ति-दरिद्रता से ऊपर होती है (ग) द्वारका जाना चाहिए (घ) सुदामा बड़े राजा थे
उत्तर: (ख) सच्ची मित्रता संपत्ति-दरिद्रता से ऊपर होती है नरोत्तमदास: कृष्ण द्वारका के राजा थे, सुदामा गरीब ब्राह्मण। सुदामा संकोच से आए, थोड़े से चावल लाए। कृष्ण ने प्रेम से मिला, चावल खाए, और सुदामा की गरीबी दूर की। सच्ची मित्रता अमीरी-गरीबी नहीं देखती।
5. 'जहाँ पंखे से नहीं जाते' कहानी में 'काला पानी' क्या है? (क) काला समुद्र का पानी (ख) अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में सेलुलर जेल — जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों को भेजा गया (ग) एक जहर (घ) एक कुँआ
उत्तर: (ख) अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में सेलुलर जेल — जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों को भेजा गया काला पानी: अंडमान (हिंद महासागर में) में ब्रिटिश काल की सेलुलर जेल। भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को वहाँ कठोर कैद में रखा गया। बाल गंगाधर तिलक, सावरकर आदि वहाँ बंद रहे।
6. कबीर की "साखियाँ" किस बारे में होती हैं? (क) प्रेम गीत (ख) युद्ध और वीरता (ग) जीवन के व्यावहारिक सत्य और आत्म-शुद्धि (घ) राजा की प्रशंसा
उत्तर: (ग) जीवन के व्यावहारिक सत्य और आत्म-शुद्धि कबीर की साखियाँ (दोहे): जीवन के व्यावहारिक सत्य, जाति-भेद का विरोध, झूठी पूजा पर प्रश्न, अहंकार छोड़ने की सलाह, ईश्वर सबमें है — ये मुख्य विषय।
7. हरिशंकर परसाई किस शैली के लेखक हैं? (क) रोमांटिक (ख) व्यंग्य-हास्य (ग) रहस्यवादी (घ) वीर-रस प्रधान
उत्तर: (ख) व्यंग्य-हास्य हरिशंकर परसाई (1924-1995): हिंदी के प्रमुख व्यंग्यकार। उन्होंने अपने व्यंग्य से समाज की कमजोरियों, नौकरशाही, और मध्यवर्गीय जीवन पर प्रहार किया। 'बस की यात्रा', 'इंस्पेक्टर मातादीन', 'प्रेमचंद के फटे जूते' — प्रसिद्ध रचनाएँ।
II. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1: 'लाख की चूड़ियाँ' कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
संदेश: पारंपरिक कारीगरी और आधुनिकता के बीच संघर्ष।
बदलू (लाख की चूड़ी बनाने वाला) अपनी कला में उस्ताद था। मशीनी चूड़ियाँ सस्ती और आकर्षक होने के कारण लोगों ने हाथ की बनी लाख की चूड़ियाँ खरीदना बंद कर दिया।
परिणाम: बदलू का व्यवसाय चौपट हो गया। उसने लड़के को वह कला नहीं सिखाई क्योंकि उसमें भविष्य नहीं था।
संदेश: 1. तकनीकी प्रगति पारंपरिक कारीगरों को बेरोजगार कर देती है। 2. हमें देशी-कला और कारीगरी को संरक्षित करना चाहिए। 3. प्रगति और परंपरा में संतुलन जरूरी है।
प्रश्न 2: सुदामा चरित में सुदामा की मानसिक स्थिति का वर्णन करें।
सुदामा गरीब और संकोची ब्राह्मण थे। द्वारका जाते समय उनकी स्थिति:
- पत्नी के कहने पर निकले, पर मन में डर था — "कहीं कृष्ण मुझे न पहचानें।"
- द्वार पर पहुँचकर थोड़े से पोहे (चिड़वा) लाए थे — शर्म आई।
- कृष्ण ने दौड़कर गले लगाया — तब उनकी आँखों में आँसू आए।
- आश्रम लौटने पर महल और वैभव देखकर भी वे दिखावे से दूर रहे।
सुदामा का चरित्र: सच्चाई, सादगी, मित्र के प्रति प्रेम, लोभरहित जीवन।
परीक्षा तैयारी सूची
- ध्वनि: निराला; वसंत का स्वागत; नई आशा।
- लाख की चूड़ियाँ: कामतानाथ; मशीनी vs हाथ की चूड़ियाँ; कारीगर की पीड़ा।
- बस की यात्रा: परसाई; हास्य-व्यंग्य; पुरानी बस।
- सुदामा चरित: नरोत्तमदास; कृष्ण-सुदामा मित्रता।
- काला पानी: अंडमान सेलुलर जेल; स्वतंत्रता सेनानी।
- कबीर साखियाँ: दोहे; जाति-भेद विरोध; आत्म-ज्ञान।
