CBSE Class 7 Hindi — Vasant Part 2 Exercise Solutions
प्रमुख पाठ
| पाठ | लेखक/कवि | मुख्य भाव |
|---|---|---|
| हम पंछी उन्मुक्त गगन के | शिवमंगल सिंह 'सुमन' | स्वतंत्रता की महत्ता |
| दादी माँ | शिवप्रसाद सिंह | दादी-नाती का प्रेम; ग्रामीण जीवन |
| हिमालय की बेटियाँ | नागेंद्र | नदियाँ: हिमालय की संतान |
| कठपुतली | भवानी प्रसाद मिश्र | स्वतंत्रता; कठपुतली की व्यथा |
| शाम — एक किसान | सर्वेश्वर दयाल सक्सेना | प्रकृति; किसान का जीवन |
| रहीम के दोहे | रहीम | नीति-बोध; व्यावहारिक ज्ञान |
I. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'हम पंछी उन्मुक्त गगन के' कविता में पक्षी किसकी कामना करते हैं? (क) सोने के पिंजरे की (ख) मीठे अन्न की (ग) खुले आकाश में स्वतंत्र उड़ने की (घ) गर्म घर की
उत्तर: (ग) खुले आकाश में स्वतंत्र उड़ने की शिवमंगल सिंह 'सुमन': कविता में पक्षी कहते हैं — "सोने के पिंजर से नहीं, जंगल की टहनी पर बैठेंगे; नदी का पानी पीएंगे; स्वतंत्र उड़ेंगे।" संदेश: स्वतंत्रता सोने से भी अनमोल है।
2. 'दादी माँ' पाठ में लेखक को किस बात का दुख है? (क) दादी माँ का स्वर्गवास (ख) दादी माँ का बूढ़ा हो जाना और उनसे दूर होना (ग) गाँव छोड़ना (घ) परीक्षा में फेल होना
उत्तर: (ख) दादी माँ का बूढ़ा हो जाना और उनसे दूर होना शिवप्रसाद सिंह: लेखक बचपन में दादी माँ के साथ बिताए दिनों को याद करते हैं — बीमारी में देखभाल, त्योहार, खेत, गाँव की यादें। अब शहर में रहते हैं और दादी माँ की उम्र और दूरी का दर्द है।
3. 'हिमालय की बेटियाँ' में नागेंद्र किसे हिमालय की बेटियाँ कहते हैं? (क) पर्वतारोहियों को (ख) नदियों को — सिंधु, ब्रह्मपुत्र, गंगा आदि (ग) वहाँ रहने वाली लड़कियों को (घ) बर्फ की चोटियों को
उत्तर: (ख) नदियों को — सिंधु, ब्रह्मपुत्र, गंगा आदि हिमालय से निकलने वाली महान नदियाँ — सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र — हिमालय की "बेटियाँ" हैं। वे दूर देशों में जाती हैं, लोगों को जीवन देती हैं। नागेंद्र ने नदियों को जीवंत पात्रों की तरह चित्रित किया।
4. 'कठपुतली' कविता में कठपुतली की इच्छा क्या है? (क) और ज्यादा नाचना (ख) मशहूर होना (ग) धागों से आज़ाद होकर अपनी मर्जी से जीना (घ) नए कपड़े पहनना
उत्तर: (ग) धागों से आज़ाद होकर अपनी मर्जी से जीना भवानी प्रसाद मिश्र: कठपुतली कहती है — "अरे! इन धागों के बारे में मत पूछो — ये मुझे बाँधे हुए हैं। मैं अपनी मर्जी से नाचना चाहती हूँ।" प्रतीक: कोई भी बंधन में रहना नहीं चाहता; स्वतंत्रता सबकी इच्छा।
5. 'शाम — एक किसान' कविता में प्रकृति का कौन सा दृश्य चित्रित है? (क) सुबह का उगता सूरज (ख) शाम का दृश्य — ढलता सूरज और किसान का घर लौटना (ग) रात का चाँद (घ) भोर का तारा
उत्तर: (ख) शाम का दृश्य — ढलता सूरज और किसान का घर लौटना सर्वेश्वर दयाल सक्सेना: शाम की सुंदरता — आसमान की लालिमा, ढलता सूरज, थका किसान घर लौटता है। प्रकृति और मानव-जीवन का सुंदर तालमेल।
6. रहीम के दोहे में "रहिमन पानी राखिए" से तात्पर्य: (क) पानी बचाओ (ख) "पानी" = मान-प्रतिष्ठा बनाए रखो (ग) पानी पियो (घ) वर्षा की प्रतीक्षा करो
उत्तर: (ख) "पानी" = मान-प्रतिष्ठा बनाए रखो "रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुस, चून।" — यहाँ "पानी" के तीन अर्थ: मोती का पानी (चमक), मनुष्य का पानी (मान/आत्मसम्मान), चूने का पानी (चिकनाई)। संदेश: मान-प्रतिष्ठा बनाए रखो।
7. निम्नलिखित में से कौन सा 'पानीकली' के बारे में सत्य है? (क) पानीकली एक पक्षी है (ख) पानीकली एक कहावत है (ग) पानीकली कक्षा 7 की हिंदी कविता है जो बच्चे की पानी की बूँद से खेलने की इच्छा व्यक्त करती है (घ) पानीकली एक फूल है
उत्तर: (ग) पानीकली कक्षा 7 की हिंदी कविता है पानीकली: बच्चों के सरल आनंद और प्रकृति के साथ खेलने की भावना को व्यक्त करती है।
II. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1: 'हम पंछी उन्मुक्त गगन के' कविता का केंद्रीय भाव क्या है?
केंद्रीय भाव: स्वतंत्रता।
पक्षी कहते हैं — सोने के पिंजरे में रहने से बेहतर है जंगल में स्वतंत्र उड़ना। उन्हें मीठे दाने और सोने के पिंजरे से नहीं, बल्कि खुले आकाश, नदी के पानी, और जंगली जीवन की ज़रूरत है।
व्यापक अर्थ: यह कविता केवल पक्षियों के बारे में नहीं है — यह सभी जीवों और मनुष्यों की स्वतंत्रता की चाहत को व्यक्त करती है। स्वाधीनता संग्राम के संदर्भ में यह उन भारतीयों की आवाज़ भी हो सकती है जो ब्रिटिश शासन के "पिंजरे" से मुक्त होना चाहते थे।
प्रश्न 2: 'हिमालय की बेटियाँ' पाठ की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
नागेंद्र ने इस यात्रा वृत्तांत-सदृश निबंध में हिमालय से निकलने वाली नदियों को मानवीय रूप दिया है:
- सिंधु, गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र = हिमालय की बेटियाँ।
- ये नदियाँ बचपन में शरारती (मैदानों में उछलकूद करती हैं), बड़े होने पर गंभीर।
- हिमालय से निकलकर दूर जाती हैं — जैसे बेटी विवाह के बाद दूर जाती है।
- रास्ते में खेत-गाँव को जीवन देती हैं।
लेखनी की विशेषता: मानवीकरण (personification), प्रकृति-प्रेम, काव्यात्मक गद्य।
परीक्षा तैयारी सूची
- हम पंछी उन्मुक्त गगन: शिवमंगल सिंह 'सुमन'; स्वतंत्रता > भौतिक सुख।
- दादी माँ: शिवप्रसाद सिंह; बचपन की यादें; दादी का प्यार।
- हिमालय की बेटियाँ: नागेंद्र; नदियों का मानवीकरण।
- कठपुतली: भवानी प्रसाद मिश्र; स्वतंत्रता; धागों से मुक्ति।
- रहीम — पानी: मान/प्रतिष्ठा। मोती + मानुस + चून — तीन 'पानी'।
- शाम — एक किसान: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना; प्रकृति + किसान।
